Atal Behari Vajpayee Ji


अटलजी ने मुझे लिखा था उत्तिष्ठ कुरु कर्म जाग्रत सचेतो भाव ईश्वर अटलजी की आत्मा को शांति दे

3 thoughts on “Atal Behari Vajpayee Ji

  1. हार नहीं मानूँगा
    मृत्यु को जरूर अपनाऊँगा
    मृत्यु सत्य है
    ईश्वर का स्वरूप है
    मौत से ठन गईं!!!!!

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  2. कवि ह्रदय राजनीतिज्ञ और भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। अपनी रचनाओं में निराला का प्रभाव लिए अटल जी ने किशोर वय में ही यह प्रभावशाली कविता लिख डाली थी।
    हिन्दू जीवन मेरा परिचय- स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी
    https://mummykiduniya.wordpress.com/2018/08/17/hindu-jiwan-mera-parichay/

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